ईसाई हो गए तो क्या,धर्म तो नहीं छोड़ा! किस्सा John Ram Singh का |

इस वीडियो में सुनिए जॉन राम सिंह का एक दिलचस्प किस्सा, जिसे वक्ता के अनुसार उन्होंने 1990 के दशक में मशहूर फिल्म स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर से सुना था। यह कहानी धर्मांतरण, हिंदू संस्कारों और भारतीय परंपरा में ‘धर्म’ के व्यापक अर्थ पर विचार करने का अवसर देती है। भारतीय परंपरा में धर्म का अर्थ केवल किसी मजहब या धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं है। इसमें हमारे कर्तव्य, नैतिक मूल्य, प्रकृति और दूसरे जीव-जंतुओं के प्रति हमारा व्यवहार भी शामिल है। क्या धर्म बदलने से व्यक्ति की सांस्कृतिक पहचान और पुराने संस्कार बदल जाते हैं? इस कहानी से आप क्या सीखते हैं?

अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर साझा करें।

वीडियो पसंद आए तो Like करें, अपनी राय Comment करें और Manushi India चैनल को Subscribe करना न भूलें। इस वीडियो को अपने मित्रों और परिवार के साथ भी साझा करें।

Author

  • Madhu Purnima Kishwar

    Professor CSDS till 2016,National Professor, ICSSR 2017-19 Senior Fellow, PMML, 2021-23

Scroll to Top
Scroll to Top