गोलवलकर Vs देवरस: RSS के अंदरूनी षडयंत्र और घमासान की गाथा | Pushkar Agnihotri | Madhu Kishwar

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास, नेतृत्व और विचारधारा को समझने के लिए गुरु गोलवलकर का दौर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आखिर एम.एस. गोलवलकर RSS के दूसरे सरसंघचालक कैसे बने? डॉ. हेडगेवार के बाद संघ का नेतृत्व कैसे आगे बढ़ा? और संघ के आंतरिक संगठन तथा ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर कौन-से सवाल उठते हैं? इस विशेष बातचीत में Advocate Pushkar Agnihotri के साथ हम RSS के इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हैं—गुरु गोलवलकर का उदय, बालासाहेब देवरस के साथ नेतृत्व से जुड़े सवाल, संघ की संगठनात्मक संरचना, प्रचारक व्यवस्था और स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में RSS की भूमिका। इस वीडियो में चर्चा के प्रमुख विषय:

गुरु गोलवलकर RSS के सरसंघचालक कैसे बने?

डॉ. हेडगेवार के बाद संघ के नेतृत्व का इतिहास

गोलवलकर और बालासाहेब देवरस से जुड़े सवाल

RSS की संगठनात्मक संरचना और प्रचारक व्यवस्था

भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान RSS की भूमिका

भारत के विभाजन के समय RSS की भूमिका

संघ के इतिहास और विचारधारा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न इतिहास को समझने के लिए सवाल पूछना, उपलब्ध स्रोतों की पड़ताल करना और अलग-अलग दृष्टिकोणों को सुनना जरूरी है। इस चर्चा को देखें और अपनी राय कमेंट में साझा करें। Manushi India को Subscribe करें और इतिहास, राजनीति तथा सामाजिक मुद्दों पर ऐसी ही गहन चर्चाओं के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

Authors

  • Madhu Purnima Kishwar

    Professor CSDS till 2016,National Professor, ICSSR 2017-19 Senior Fellow, PMML, 2021-23

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